हमें उत्पादन के साथ-साथ अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग करना भी आना चाहिए: गुरमीत सिंह खुड्डियां

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  • पंजाब सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को दिया बड़ा प्रोत्साहन: तरुनप्रीत सिंह सौंंद
  • पंजाब राज्य खाद्य आयोग, कृषि विभाग और पी.टी.पी.सी. द्वारा सेमिनार का आयोजन
  • पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा हुए सेवानिवृत्त

चंडीगढ़: पंजाब राज्य खाद्य आयोग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा पंजाब ट्रेड प्रमोशन काउंसिल द्वारा खाद्य प्रसंस्करण एम.एस.एम.ई., किसान उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओ.), स्वयं सहायता समूहों (एस.एच.जी.), सहकारी समितियों, स्टार्ट-अप्स और सोसायटियों पर केंद्रित विभिन्न सत्रों वाला एक सेमिनार आज आयोजित किया गया।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि हमारे पास उपजाऊ भूमि के साथ-साथ मेहनती लोग भी हैं। इसलिए हमें उत्पादन के साथ-साथ देशभर और वैश्विक मंचों पर अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग करना भी आना चाहिए। पंजाब उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है और राज्य को आगे ले जाना समय की प्रमुख आवश्यकता है।

पंजाब राज्य खाद्य आयोग (पी.एस.एफ.सी.) के चेयरमैन श्री बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि हम मूल्य संवर्धन के दौर में हैं। इसलिए अब समय आ गया है कि हम कृषि को कृषि-व्यवसाय में परिवर्तित करें। उन्होंने आगे कहा कि 5000 से अधिक स्कूलों में हर्बल गार्डन स्थापित किए जा रहे हैं, जहां जैविक तरीके से सब्जियां उगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब हमें खाद्य सुरक्षा से पोषण सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

पी.टी.पी.सी. की चेयरपर्सन श्रीमती कंचन शर्मा ने उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि पी.टी.पी.सी. पंजाब को एक वैश्विक बिजनेस हब के रूप में स्थापित करने तथा व्यापार, निवेश और औद्योगिक विकास के लिए एक संस्थागत मंच तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
इस अवसर पर पैग्रो (पी.ए.जी.आर.ओ.) से श्री एन.एस. बराड़ ने जापान को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के निर्यात के संबंध में अपनी सफलता की कहानी साझा की। वहीं अमरटेक्स के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री अरुण ग्रोवर ने भी अपने उद्यमी सफर के बारे में जानकारी दी।

अंतरराष्ट्रीय शेफ विकास चावला ने बेहतर पोषण के लिए मोटे अनाज (मिलेट्स) के महत्व पर जोर दिया।
सहकारी समितियों, स्टार्ट-अप्स, सोसायटियों और स्वयं सहायता समूहों के संबंध में आयोजित दूसरे सत्र के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने पंजाब में स्टार्ट-अप्स और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, पंजाब में सहकारिता आंदोलन की सफलता में मार्कफेड द्वारा दिए गए बहुमूल्य योगदान की भी विशेष रूप से सराहना की गई।

ग्रामीण विकास एवं पंचायत तथा पर्यटन मंत्री श्री तरुनप्रीत सिंह सौंंद ने बताया कि जब मौजूदा राज्य सरकार ने मार्च 2022 में सत्ता संभाली थी, तब स्वयं सहायता समूहों की संख्या 26,000 थी, लेकिन अब चार वर्ष बाद राज्य सरकार की उद्यम-समर्थक नीतियों के कारण यह संख्या बढ़कर 56,000 हो गई है।

उल्लेखनीय है कि पंजाब में स्वयं सहायता समूह ऐसे छोटे समुदाय-आधारित संगठन हैं, जिनका गठन मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं द्वारा किया गया है। ये समूह प्रति सदस्य 50 रुपये से 200 रुपये तक की छोटी मासिक बचत एकत्रित करते हैं, ताकि माइक्रो क्रेडिट फंड तैयार किए जा सकें और आय सृजन से जुड़े छोटे उद्यम शुरू किए जा सकें।

इसके अलावा, स. तरुनप्रीत सिंह सौंंद ने आज सेवानिवृत्त हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन श्री बाल मुकंद शर्मा द्वारा दिए गए बहुमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री बाल मुकंद शर्मा ने पोषण सुरक्षा के महत्व के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण पहल कीं।

इस अवसर पर स.सौंंद द्वारा प्रसिद्ध अभिनेता स्वर्गीय स. जसविंदर सिंह भल्ला के जीवन को दर्शाने वाली एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि जसविंदर भल्ला एक शानदार इंसान और एक प्रतिष्ठित अभिनेता थे, जिनके पंजाबी फिल्मों, विशेषकर हास्य शैली में दिए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

इस अवसर पर श्री बाल मुकंद शर्मा के जीवन तथा स्वर्गीय स. जसविंदर सिंह भल्ला के साथ उनके भाईचारे के रिश्ते को दर्शाने वाली एक मनोरंजक कलात्मक प्रस्तुति भी पेश की गई।

इस अवसर पर विभिन्न उद्यमियों, एफ.पी.ओ. और स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित भी किया गया।