Sonam Wangchuk: जानें सोनम वांगचुक ने किन शर्तों पर अपनी भूख हड़ताल खत्म की?

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Sonam Wangchuk: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। उनका कहना है कि भूख हड़ताल खत्म करने के बाद वह सरकार से जवाबदेही की मांग करेंगे। उन्होंने शुक्रवार (24 जुलाई) को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया और विस्तार से अपनी बात रखी।

65 सांसदों ने मुलाकात की, NEET पेपर पर भरोसा दिलाया

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने आए थे। इसके अलावा, अलग-अलग पार्टियों के 65 सांसदों ने पहले उनसे मुलाकात की थी और एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करके उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह किया था। सोनम वांगचुक ने कहा कि उन (लगभग 65 सांसदों) ने उन्हें बताया कि वे संसद में NEET पेपर लीक मामले और शिक्षा प्रणाली सहित कई मुद्दों को उठाएंगे। इन पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।

सोनम वांगचुक ने कहा कि मोदी सरकार के मंत्रियों ने भरोसा दिलाया है कि 20 जुलाई को संसद तक मार्च के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वालों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार NEET पेपर लीक और शिक्षा में सुधार समेत सभी मुद्दों को हल करने को लेकर गंभीर है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि हाल ही में हुए NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और शांतिपूर्ण विरोध करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

आपको बता दें कि सोनम वांगचुक को शुरू में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कोर्ट से वांगचुक को इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का अनुरोध किया था। सुनवाई के दौरान, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए, विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा लगातार निगरानी जरूरी है।