12 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा वायरल फीवर और डेंगू का खतरा, बदलता मौसम बन रहा बीमारियों की वजह
दिल्ली-एनसीआर में कभी बारिश, कभी धूप वाला मौसम वायरल संक्रमण और मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का मौसम बीमारियों के फैलने के लिए अनुकूल होता है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में ओपीडी में बुखार, खांसी और बदन दर्द वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें से आधे से अधिक मरीज वायरल फीवर से पीड़ित पाए गए हैं, जबकि कई मामलों में डेंगू और मलेरिया के मरीज भी मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता
नोएडा जिला अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना करीब 200 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें से 50 का डेंगू टेस्ट किया जा रहा है। इनमें रोजाना एक-दो मामले पॉजिटिव आ रहे हैं। जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के 27 और मलेरिया के 35 मामले सामने आए हैं। मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में डेंगू लार्वा की जांच और रोकथाम का काम कर रही हैं।
विशेषज्ञों की राय
फिजिशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत बताते हैं कि बारिश के बाद ठंडक और धूप में उमस का बढ़ना, साथ ही रात में एसी या कूलर का इस्तेमाल, लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। एमडी मेडिसिन डॉ. उत्कर्ष श्रीवास्तव के मुताबिक, वायरल फीवर समय पर इलाज करने पर तीन-चार दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इलाज में देरी या दवाएं बीच में छोड़ने से ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है।
वायरल फीवर और डेंगू में अंतर
वायरल फीवर: हल्का से मध्यम बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी। आमतौर पर 3-5 दिन में ठीक होता है।
डेंगू: अचानक तेज बुखार (102-105°F), आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, प्लेटलेट्स में गिरावट।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी तरह का बुखार आने पर लापरवाही न करें और तुरंत जांच करवाएं, ताकि गंभीर संक्रमण से बचा जा सके।


























