पीयू छात्रसंघ चुनाव: किसके सिर सजेगा प्रधानगी का ताज? त्रिकोणीय मुकाबले में आज होगा फैसला

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) समेत शहर के 11 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के लिए आज मतदान होगा। मतदान के साथ ही विभिन्न छात्र संगठनों के प्रत्याशियों की किस्मत बैलेट बॉक्स में बंद हो जाएगी। चुनाव प्रचार के दौरान छात्र संगठनों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। अब उनकी मेहनत कितनी रंग लाई, इसका फैसला सोमवार शाम मतगणना के बाद हो जाएगा।

पंजाब यूनिवर्सिटी में इस बार अध्यक्ष पद का मुकाबला त्रिकोणीय होने के कारण चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। वहीं, चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पीयू प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

16 प्रत्याशी मैदान में

पीयू में इस बार कुल 16 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें अध्यक्ष पद के लिए चार, उपाध्यक्ष के लिए पांच, सचिव के लिए तीन और संयुक्त सचिव पद के लिए चार उम्मीदवार शामिल हैं। कुल चार महिला उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रही हैं। इनमें उपाध्यक्ष पद पर दो, जबकि सचिव और संयुक्त सचिव पद पर एक-एक महिला प्रत्याशी मैदान में हैं।

16,468 विद्यार्थी करेंगे मतदान

सोमवार को कुल 16,468 छात्र-छात्राएं अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पीयू छात्रसंघ के नए पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे। मतदान के लिए इस बार 191 बूथ बनाए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 20 अधिक हैं। वर्ष 2025 में 171 मतदान केंद्र बनाए गए थे।

9 हजार छात्राएं, 7,467 छात्र और एक ट्रांसजेंडर मतदाता

पीयू प्रशासन के अनुसार, 60 विभागों में बनाए गए 191 मतदान बूथों पर 9,000 छात्राएं, 7,467 छात्र और एक ट्रांसजेंडर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों को सुबह 9 बजे से पहले अपने संबंधित विभागों में पहुंचने की अपील की है। मतदान के दौरान पीयू का एक नंबर गेट बंद रहेगा, जबकि कैंपस के अन्य गेट खुले रहेंगे।

20 अगस्त को हुई चुनाव की घोषणा, 24 को नामांकन

पीयू प्रशासन ने 20 अगस्त को छात्रसंघ चुनाव की तारीख की घोषणा की थी। इसके बाद छात्र संगठनों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी थीं। 24 अगस्त को नामांकन दाखिल किए गए, जबकि 25 अगस्त को नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई।

इसके बाद करीब 10 दिनों तक चले चुनाव प्रचार में छात्र संगठनों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। प्रचार अभियान में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा की फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े चेहरों तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी के मौजूदा और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों की भी मदद ली गई।

गठबंधन से बदल सकते हैं चुनावी समीकरण

इस बार किसी भी छात्र संगठन ने चारों प्रमुख पदों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। ऐसे में गठबंधन की राजनीति चुनाव परिणामों में अहम भूमिका निभा सकती है। अलग-अलग पदों पर प्रत्याशियों के बीच संभावित गठजोड़ से चुनावी समीकरण बदलने की संभावना है।

अब सभी की नजरें मतदान और उसके बाद होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। शाम तक साफ हो जाएगा कि इस बार पीयू छात्रसंघ की प्रधानगी का ताज किसके सिर सजेगा।