प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं का समाधान पूरी पारदर्शिता, मेरिट और तय समय सीमा में होगा: डॉ. रवजोत सिंह

5
  • लुधियाना में आयोजित ‘एन.आर.आई. मिलनी 2026’ के दौरान 4 जिलों के प्रवासी पंजाबियों की शिकायतें सुनी गईं
  •  हर महीने दो ‘एन.आर.आई. मिलनियों’ के जरिए सुनी जा रही हैं प्रवासी पंजाबियों की समस्याएं
  •  एन.आर.आई. मामलों के लंबित केसों की खुद निगरानी कर रहे हैं: डॉ. रवजोत सिंह

लुधियाना: पंजाब के एन.आर.आई. मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा है कि विदेशों में बसने वाले पंजाबियों से जुड़े हर मसले का निपटारा पूरी पारदर्शिता, मेरिट और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार एन.आर.आईज़ की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है।

गुरू नानक देव भवन, लुधियाना के सोहण लाल पाहवा ऑडिटोरियम में आयोजित ‘एन.आर.आई. मिलनी-2026’ के दौरान डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि इस विशेष मिलनी का मकसद एन.आर.आईज़ की शिकायतों को मौके पर सुनना और संबंधित विभागों के अधिकारियों के जरिए उनके समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई करवाना है। इस मिलनी में लुधियाना, संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला जिलों के बड़ी संख्या में प्रवासी पंजाबियों ने हिस्सा लिया।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे पंजाबियों ने अपनी कड़ी मेहनत, योग्यता और काबिलियत से वैश्विक स्तर पर पंजाब और भारत का नाम रोशन किया है। वे अपनी मिट्टी, संस्कृति और विरासत से गहरा लगाव रखते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना पंजाब सरकार की प्राथमिक प्राथमिकता है।

रवजोत सिंह ने बताया कि आज की एन.आर.आई. मिलनी के दौरान लगभग 50 शिकायतें प्राप्त हुईं। उन्होंने बताया कि पहला मामला भाइयों के बीच चल रहे पुराने पारिवारिक विवाद से संबंधित था, जिसमें दोनों पक्षों को आपसी बातचीत के जरिए हल निकालने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग की हमेशा यही कोशिश रहती है कि जहां संभव हो, वहां आपसी सहमति और प्रेम-भाईचारे से मामलों का निपटारा किया जाए।

उन्होंने बताया कि एन.आर.आई. विभाग द्वारा हर महीने दो मिलनियां आयोजित की जाती हैं। एक ‘फिजिकल मिलनी’ में तीन या चार जिलों के केस एक साथ सुने जाते हैं, जबकि दूसरी मिलनी ‘ऑनलाइन’ आयोजित की जाती है, ताकि विदेशों में रह रहे पंजाबियों को भी अपनी शिकायतें दर्ज कराने और उनकी प्रगति की जानकारी पाने में आसानी हो।

मंत्री ने कहा कि आज की मिलनी में कई ऐसे प्रवासी पंजाबी भी पहुंचे, जिनकी पिछली एन.आर.आई. मिलनियों में दर्ज शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और संबंधित विभागों का विशेष तौर पर धन्यवाद किया और सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली व संवेदनशील रवैये की सराहना की।

रवजोत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा सभी सरकारी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एन.आर.आईज़ से जुड़ी हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या गैर-ज़रूरी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने बताया कि एन.आर.आईज़ की ओर से सबसे ज्यादा शिकायतें संपत्ति के विवादों, जमीनों पर अवैध कब्जों, कागजी गड़बड़ियों और वैवाहिक मामलों से जुड़ी होती हैं। हर साल लगभग 5,000 से 6,000 शिकायतें विभाग को मिलती हैं, जिनमें से बड़ी संख्या का निपटारा आपसी सहमति या कानूनी प्रक्रिया के जरिए कराया जाता है।

रवजोत सिंह ने कहा कि जिन मामलों का निपटारा लंबे समय से लंबित है या जिनमें सुनवाई की रफ्तार धीमी है, उनकी वे खुद निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करके ऐसे मामलों के जल्द और निष्पक्ष निपटारे को सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि हर प्रवासी पंजाबी को समय पर न्याय और सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।

इस अवसर पर एन.आर.आई. मामलों के सचिव मोहम्मद तय्यब, कमिश्नर जालंधर डिवीजन  रामवीर, विशेष सचिव एन.आर.आई. अमनदीप कौर, डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन, एन.आर.आई. विंग एस.ए.एस. नगर के ए.आई.जी. अजिंदर सिंह, ए.ਡੀ.सी.पी. (ऑपरेशन) लुधियाना रमनदीप सिंह भुल्लर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमित बैंबी, उप मंडल मजिस्ट्रेट लुधियाना पूर्वी जसलीन कौर भुल्लर, मुख्यमंत्री फील्ड ऑफिसर लुधियाना तुषिता गुलाटी, संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सिविल और पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।