चंडीगढ़:
पंजाब सरकार की ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत राशन किट वितरण अभियान ने नया मुकाम हासिल कर लिया है। राज्य सरकार के अनुसार अब तक 27.18 लाख से अधिक पात्र परिवारों तक राशन किट पहुंचाई जा चुकी हैं। इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले गेहूं के अतिरिक्त जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की निगरानी में यह अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य के 40.48 लाख पात्र परिवारों को हर तीन महीने में राशन किट उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को एक राशन किट दी जाती है, जिसमें 2 किलोग्राम दाल, 2 किलोग्राम चीनी, 1 किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और 1 लीटर सरसों का तेल शामिल है। यह किट पहले से मिलने वाले गेहूं के अतिरिक्त प्रदान की जाती है, ताकि परिवारों को संतुलित और पौष्टिक भोजन मिल सके। इन किटों का निर्माण मार्कफैड द्वारा किया जाता है, जबकि वितरण की जिम्मेदारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग निभा रहा है।
जिला-वार वितरण के आंकड़ों में लुधियाना 3,00,480 राशन किटों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद पटियाला (2,03,591), बठिंडा (1,68,811), अमृतसर (1,59,408), फाजिल्का (1,51,458) और संगरूर (1,47,339) का स्थान है। इसके अलावा जालंधर, श्री मुक्तसर साहिब, तरनतारन, होशियारपुर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, मानसा, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, फरीदकोट, कपूरथला, पठानकोट, बरनाला, रूपनगर, मलेरकोटला और शहीद भगत सिंह नगर में भी बड़ी संख्या में राशन किट वितरित की जा चुकी हैं।
सरकार का कहना है कि योजना की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे, गुणवत्तापूर्ण सामग्री लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी भी पात्र परिवार को योजना से वंचित न रहना पड़े। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर जरूरतमंद परिवार तक समय पर राशन किट पहुंचे।
‘मेरी रसोई’ योजना को राज्य सरकार की खाद्य सुरक्षा और कुपोषण से लड़ने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी रसोई और पोषण दोनों को मजबूत करना है।


















