पंजाब की महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत: घर से 40 किलोमीटर के दायरे में होगी तैनाती, CM मान का ऐलान

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एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 17 जून:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की महिला सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण कर्मचारी-हितैषी नीति की घोषणा की है। इसके तहत ग्रुप सी और डी श्रेणियों की महिला कर्मचारियों की तैनाती उनका परखकाल पूरा होने के बाद उनके घर से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य महिला कर्मचारियों के निजी जीवन और सरकारी जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कर्मचारी-हितैषी पहल बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस नीति का लाभ राज्य भर में कार्यरत हजारों महिला कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की स्टाफ नर्सें, सरकारी स्कूलों की अध्यापिकाएं, महिला पुलिस कर्मी और अन्य ग्रुप सी एवं डी कर्मचारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को इस नीति को लागू करने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करने के निर्देश पहले ही दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि कई महिला कर्मचारियों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से अपनी समस्याएं साझा की थीं। कई मामलों में उनकी तैनाती घर से लगभग 200 किलोमीटर दूर होने के कारण उन्हें परिवार से मिलने और घरेलू जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत महिला कर्मचारी अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में मायके या ससुराल का पता दर्ज करवा सकेंगी। इसी आधार पर उनकी तैनाती पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 40 किलोमीटर अधिकतम सीमा है और जहां संभव होगा, तैनाती इससे कम दूरी, जैसे 15 या 20 किलोमीटर के भीतर भी की जा सकेगी।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिला कर्मचारी लगभग एक घंटे के भीतर अपने परिवार तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि एक संतुष्ट और खुश कर्मचारी बेहतर कार्य प्रदर्शन करता है, इसलिए कर्मचारियों की सुविधाओं और जरूरतों को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने हमेशा अपनी समस्याएं और सुझाव सरकार के साथ साझा किए हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर ऐसी नीतियां तैयार की जा रही हैं जो कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाती हैं।

उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों और विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा उनके कल्याण के लिए ऐसे जनहितैषी फैसले लेती रहेगी।