11 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी दी है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को और अधिक सटीक तथा सुव्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से 14 दिन अतिरिक्त समय मांगा गया है। यह समय मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा अनुपस्थित मतदाताओं के विस्तृत पुनःसत्यापन के लिए आवश्यक बताया गय
99.24% डिजिटाइजेशन पूरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, प्रदेश में अब तक 99.24 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से:
18.85% प्रपत्र असंग्रहीत मिले हैं
(मृतक, शिफ्टेड, अनुपस्थित व दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता)
80.29% प्रपत्र मतदाताओं या परिवार के हस्ताक्षर सहित वापस प्राप्त हुए हैं
2.91 करोड़ नाम हटने की संभावनाएँ
असंग्रहीत श्रेणी के 18.85 प्रतिशत में लगभग 2.91 करोड़ मतदाता शामिल हैं:
8.22% (1.27 करोड़) स्थायी रूप से शिफ्टेड
2.98% (45.95 लाख) मृतक
1.50% (23.69 लाख) दोहरी प्रविष्टि
0.62% (9.58 लाख) जिन्होंने फॉर्म वापस नहीं किया
5.49% (84.73 लाख) अनुपस्थित पाए गए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इन श्रेणियों के सटीक सत्यापन के लिए सभी जिलाधिकारियों से सहयोग बढ़ाने की अपील की है।
वोटर लिस्ट मैपिंग 76% पूरी
वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ प्राप्त गणना प्रपत्रों की मैपिंग 76% से अधिक पूरी हो चुकी है।
जिन मतदाताओं को 2025 की सूची में नाम न होने के कारण प्रपत्र नहीं मिला है, उनके लिए फॉर्म-6 भरवाकर नाम जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं को भी फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
कुल डिजिटाइजेशन पूरा, 12 दिसंबर तक सूची उपलब्ध
राज्य के सभी 14 जनपदों, 132 विधानसभा क्षेत्रों और 1,43,509 मतदान केंद्रों पर डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है।
सभी बूथ लेवल अधिकारी 12 दिसंबर 2025 तक संबंधित बूथ लेवल एजेंटों को संग्रहीत मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराएंगे। यह सूची जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी सार्वजनिक रहेगी।

























