नेपाल के रसुवा ज़िले (जो तिब्बत की सीमा के पास है) में बुधवार सुबह अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ से कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार बाढ़ में कई गाँव और प्रोजेक्ट साइटें बह गईं। इस घटना में कम से कम 8 शव बरामद किए गए हैं और लापता हुए सैकड़ों लोगों की तलाश और बचाव का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
बताया जा रहा है कि बाढ़ स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 9 बजे आई। यह बाढ़ बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाने के कारण आई. अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊँचे स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट जारी किया है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाढ़ में करीब 1,000 लोगों के बह जाने की आशंका है। हालाँकि, इस आँकड़े की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बचाव कार्यों के लिए सेना को बुलाया गया
बचाव कार्य जारी है और अब तक प्रभावित इलाकों, खासकर बुसी और टूसू से 20 लोगों को बचाया गया है। इस ऑपरेशन के लिए कुल 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जिनमें सात नेपाली सेना के हैं और बाकी अन्य एजेंसियों के हैं। मछली ट्रेनिंग कैंप में एक मेडिकल सेंटर भी बनाया गया है, जहाँ घायलों का इलाज चल रहा है।
रसुवा सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के रसुवा ज़िले के स्याब्रुबेसी और तिमुरे के पहाड़ी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। तिब्बत की सीमा से सटे इस इलाके में अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और कई गाँव व प्रोजेक्ट साइटें बह गई हैं।
अधिकारियों ने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों से कहा है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और और बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए ऊँचे स्थानों पर चले जाएँ।
अचानक आई बाढ़ की वजह क्या थी?
नेपाल पुलिस के अनुसार, यह अचानक आई बाढ़ तिब्बत की तरफ से बहने वाली भोटे कोशी नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी के कारण आई। अधिकारियों ने नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा समेत त्रिशूली नदी बेसिन के जिलों और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे बहुत सतर्क रहें और अगली सूचना मिलने तक सुरक्षित जगहों पर रहें।
तिब्बत में हिमझील टूटने की आशंका
इस बीच अधिकारियों को आशंका है कि तिब्बत की तरफ किसी हिमझील के टूटने या अचानक पानी छोड़े जाने की वजह से नदी में इतना तेज बहाव आया हो सकता है। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
PM बालेन शाह ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची भारी तबाही के बीच, प्रधानमंत्री बालेन शाह ने हालात का जायज़ा लेने और राहत कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट काउंसिल की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।
उनके सलाहकार आसिम शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री प्रभावित इलाकों के चीफ़ डिस्ट्रिक्ट ऑफ़िसर्स के सीधे संपर्क में हैं और हालात पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं।
गौर हो कि नेपाल में मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

























