रविवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, हरियाणा सरकार ने पंचकूला के एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल को कथित लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एक क्लासरूम के अंदर आठ साल के एक लड़के द्वारा तीसरी कक्षा की छह साल की बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने के कुछ दिनों बाद की गई है।
1 नवंबर के आदेश में कहा गया है कि ‘शहीद मेजर अनुज राजपूत गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल’ की प्रिंसिपल नीलू को ‘हरियाणा सिविल सेवा (दंड और अपील) नियम, 2016’ के नियम 5 के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वह ‘हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016’ के नियम 83 के तहत निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) पाने की हकदार होंगी।
आदेश में कहा गया है, “सस्पेंशन की अवधि के दौरान, उनका मुख्यालय अंबाला के जिला शिक्षा अधिकारी (District Education Officer) का कार्यालय होगा और वह सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी।”
छह साल की बच्ची पर बेरहमी से हमला
यह घटना 28 अक्टूबर को हुई, जब आठ साल के एक लड़के ने छह साल की बच्ची को स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित एक क्लासरूम में ले गया। यह स्कूल पंचकूला के सेक्टर 20 में है। लड़के ने बच्ची से कहा था कि उसके पिता क्लासरूम के अंदर उसका इंतज़ार कर रहे हैं।
वहाँ ले जाने के बाद, लड़के ने लड़की के बाल पकड़े और ईंट से उस पर हमला किया, फिर उसका सिर एक मेज़ पर दे मारा। उसने लड़की को फूलदान और डस्टबिन से भी मारा और उसे खून से लथपथ हालत में छोड़ दिया। इसके 30 मिनट बाद, वह वापस आया और फिर से उस पर हमला किया।
यह पूरी घटना स्कूल के CCTV फुटेज में कैद हो गई।
परिवार का आरोप और पुलिस की जांच
लड़की के परिवार ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, लेकिन किसी ने भी लड़के को रोकने या लड़की को बचाने की कोशिश नहीं की। लड़की के चाचा फ़ाज़िल ने बताया, “हालांकि, अब उसकी हालत में सुधार है। जिस तरह से उस पर हमला किया गया था, हमें लगा था कि उसका बचना मुश्किल होगा।”
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है और उसने लड़के का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन (साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन) भी कराया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, लड़की का इलाज चंडीगढ़ के पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में चल रहा है। वह अभी खतरे से बाहर है, लेकिन उसका इलाज जारी है।

























