शिक्षक दिवस के अवसर पर 75 शिक्षकों को राज्य पुरस्कारों से सम्मानित करेगी मान सरकार : हरजोत सिंह बैंस

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* पुरस्कारों के लिए पूर्ण पारदर्शिता, योग्यता-आधारित प्रक्रिया के द्वारा किया गया शिक्षकों का चयन: बैंस

* शिक्षकों की मेहनत के कारण ही स्कूल शिक्षा में प्रथम स्थान पर पहुंचा पंजाब: शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़: पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा का स्वरूप बदलने वाले शिक्षकों को सम्मान देने की वचनबद्धता के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर 75 शिक्षकों को प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार – 2026 से सम्मानित किया जाएगा।

स. हरजोत बैंस ने बताया कि ये सभी 75 शिक्षक राज्य शिक्षक पुरस्कार नीति के अनुसार पारदर्शी तरीके से योग्यता के आधार पर चुने गए हैं। इनमें से 55 राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए, 10 यंग शिक्षक पुरस्कार के लिए, 4 विशेष शिक्षक पुरस्कार के लिए और 6 प्रबंधकीय पुरस्कार के लिए चुने गए हैं।

स. बैंस ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के बहुमूल्य योगदान को सम्मान देने में बहुत गर्व महसूस कर रही है, क्योंकि शिक्षक न केवल युवाओं के सपनों को दिशा देते हैं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पथ-प्रदर्शक भी होते हैं। इन 75 शिक्षकों का चयन पूर्ण पारदर्शी, योग्यता-आधारित प्रक्रिया के द्वारा किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए उत्कृष्टता और समर्पण ही एकमात्र मापदंड है।

शिक्षा मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि ये पुरस्कार शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों को सम्मान देकर उन्हें आगे और मेहनत के लिए प्रेरित करने तथा उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रति मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

स. बैंस ने कहा, “शिक्षक हमारी शिक्षा प्रणाली के केंद्र बिंदु हैं और उनके अथक प्रयासों को मान्यता देना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। मैं इन पुरस्कारों के लिए चुने गए सभी शिक्षकों को बधाई देता हूं और संपूर्ण शिक्षक वर्ग से उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहने की अपील करता हूं।”

शिक्षा के क्षेत्र में सफलता का श्रेय शिक्षकों की मेहनत और समर्पण को देते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि नीति आयोग द्वारा पंजाब को 2026-27 के लिए कक्षा शिक्षा के परिणामों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में मान्यता दी गई है और भारत सरकार के परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 में केरल को पीछे छोड़कर देश में प्रथम स्थान पर रहा है।