पंजाब विधान सभा द्वारा आपत्तिजनक शब्दावली के मामले में कांग्रेसी विधायक सुखपाल खैहरा को सत्र के बाकी रहते समय के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

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चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब विधान सभा में कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के विरुद्ध प्रस्ताव पेश करते हुए उन्हें वर्तमान सत्र के शेष समय के लिए निलंबित करने की मांग की। वित्त मंत्री ने विधायक पर आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग करने, चेयर के आदेशों की अवहेलना करने और सदन की कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डालने का आरोप लगाया, जिसके कारण विधान सभा का बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ और सदन की गरिमा को ठेस पहुंची।

सदन को संबोधित करते हुए, ‘आप’ विधायक और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सदस्यों ने सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा प्रयोग किए गए आपत्तिजनक शब्दों पर कड़ा आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसी आपत्तिजनक शब्दावली पंजाब के परिश्रमी मजदूरों, विशेषकर अनुसूचित जातियों से संबंधित लोगों के स्वाभिमान और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के श्रमिक वर्ग ने राज्य की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “प्रत्येक नागरिक, और विशेष रूप से निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य बनता है कि वे श्रमिक वर्ग की कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समाज के प्रति योगदान का सम्मान करें।”

आप विधायक ने कहा, “जाति, सामाजिक स्थिति या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर किसी व्यक्ति या समूह को नीचा दिखाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विधायकों से अपेक्षा की जाती है कि वे पूरी जिम्मेदारी से पेश आएं और सदन की गरिमा बनाए रखें।”

उन्होंने कहा, “जनप्रतिनिधियों का समाज पर व्यापक प्रभाव होता है। इसलिए उन्हें ऐसी टिप्पणियां करने से गुरेज करना चाहिए जो किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हों। जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए किए गए ऐतिहासिक और जारी प्रयासों के बावजूद, कमजोर और हाशिये पर रह रहे वर्गों के विरुद्ध अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना अत्यंत खेदजनक है। सभी विधायकों को जातीय भेदभाव के विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।”

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। उन्होंने योग्य महिलाओं को 1500 रुपये या 1000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता देने के सरकारी फैसले को एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो जरूरतमंद महिलाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा और आत्म-निर्भरता सुनिश्चित करने में सहायक साबित होगा।

उन्होंने सदन को एक स्पष्ट संदेश देने की अपील करते हुए कहा, “मजदूरों, दलित समुदाय या अन्य कमजोर वर्गों के प्रति अपमानजनक व्यवहार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी के खेदजनक रवैये के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव लाने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद, सुखपाल सिंह खैहरा को सत्र के शेष समय के लिए निलंबित करने संबंधी प्रस्ताव मतदान के लिए पेश किया गया और स्पीकर द्वारा इसे सर्वसम्मति से पारित करने की घोषणा की गई।

अपने भाषण का समापन करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने जोर देकर कहा, “लोकतंत्र में निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने व्यवहार और बोल-चाल के माध्यम से आपसी सम्मान, समानता और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देकर एक मिसाल कायम करनी चाहिए। सदन की गरिमा और सामाजिक स्वाभिमान की रक्षा करना ह