तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया है। भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 8:03 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप के कारण इलाके में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई और 54 लोग घायल हो गए.
सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें तिब्बत में आए जोरदार भूकंप के पल कैद हैं। इन वीडियो से पता चलता है कि जमीन हिलने पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया थी। सीसीटीवी फुटेज में लोग इमारतों और दुकानों से बाहर भागते हुए दिख रहे हैं, जबकि कुछ अन्य क्लिप्स में स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अंदर भूकंप के झटकों का असर दिखाई दे रहा है।
तिब्बत में स्थानीय समयानुसार रात 10:33 बजे (भारत के समय अनुसार रात 8:03 बजे) 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। स्थानीय अधिकारियों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इस घटना में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हो गए। 300 से अधिक घरों के ढहने या क्षतिग्रस्त होने की खबर है, और प्रभावित इलाकों में बचाव दल भेजे गए हैं।
भूकंप आते ही लोग बाहर की ओर भागने लगे
सामने आए वीडियो में अचानक मची अफरा-तफरी देखी जा सकती है, जिसमें लोग इमारतों से बाहर सड़कों पर भाग रहे हैं और अपने खड़े वाहनों को वहीं छोड़ रहे हैं। एक दुकान के अंदर, फर्नीचर एक मेज के चारों ओर खिसक रहा है, जबकि एक अन्य क्लिप में दुकानों की अलमारियों से सामान नीचे गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। भूकंप के दौरान एक सुपरमार्केट में सामान गिरता हुआ भी नजर आया।
भूकंप कहाँ आया?
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप का केंद्र तिब्बत के पहाड़ी इलाके में बाकेन काउंटी के मारू टाउनशिप में था। यह नागकू से लगभग 190 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व और ल्हासा से 390 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित था। भूकंप की गहराई कम थी, जो लगभग 10 किमी थी।
घरों के ढहने के बाद बचाव दल तैनात
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि 300 से ज़्यादा घर ढह गए हैं या उन्हें नुकसान पहुँचा है, जबकि CCTV फुटेज के अनुसार यह संख्या 339 है। नुकसान के पूरे दायरे का आकलन अभी भी किया जा रहा है, और साथ ही बचाव व राहत कार्य जारी हैं।
राहत कार्यों में मदद के लिए 300 से ज़्यादा पुलिस अधिकारियों को भेजा गया, और क्षेत्रीय दमकल व बचाव विभाग ने अपने 347 कर्मियों को तैनात किया। प्रभावित इलाके से सामने आए फुटेज में बचावकर्मी क्षतिग्रस्त इमारतों और ढही हुई छतों के बीच नज़र आ रहे हैं, जो मलबे में तलाश करने के लिए टॉर्च का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक क्लिप में बचावकर्मी एक व्यक्ति को ले जाते हुए दिख रहे हैं, जबकि सैनिक भी तैनाती के लिए कतार में तैयार खड़े नज़र आ रहे हैं।
भूकंप आपदा के लिए ‘लेवल-III’ आपातकालीन प्रतिक्रिया (इमरजेंसी रिस्पॉन्स) सक्रिय कर दी गई है।
तिब्बत और चीन में विनाशकारी भूकंपों का इतिहास रहा
चीन में भूकंप आना आम बात है, और हाल के वर्षों में कई जानलेवा भूकंपों के बाद यह ताज़ा आपदा आई है। जनवरी 2025 में, तिब्बत के ग्रामीण तिंगरी काउंटी में आए एक भूकंप में कम से कम 126 लोगों की मौत हो गई।
दिसंबर 2023 में, गांसु में आए एक भूकंप में कम से कम 127 लोगों की जान चली गई। 2014 में युन्नान में आए भूकंप के बाद, जिसमें 600 से ज़्यादा लोग मारे गए थे, यह चीन का सबसे घातक भूकंप था। 2008 के सिचुआन भूकंप में लगभग 90,000 लोग मारे गए या लापता हो गए; इनमें करीब 5,000 स्कूली बच्चे भी शामिल थे।
हाल के वर्षों में नेपाल-तिब्बत सीमा के पास के इलाके में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन भी हुए हैं, जिनमें 1,400 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और हज़ारों लोग लापता हो गए।


























