जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार, 26 अक्टूबर को खत्म हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें मान ली हैं। 26 अक्टूबर 2026 के इस आदेश में छात्र संघ चुनाव कराने, प्रदर्शन के दौरान दिए गए निलंबन और ‘शो-कॉज’ नोटिस को रद्द करने, तथा सुरक्षा कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच कराने की घोषणा की गई है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रही भूख हड़ताल खत्म हो गई है। रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिज़वी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे। प्रशासन ने आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ जारी किए गए निलंबन आदेशों और कारण बताओ नोटिसों को भी वापस ले लिया है।
जामिया यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव कराने के लिए सहमत हो गई है। छात्र संघ चुनाव कराने का फैसला, प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक था। यूनिवर्सिटी के आदेश के अनुसार, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे।
हालांकि, आदेश में मतदान के लिए कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। पूरी समय-सीमा इस बात पर निर्भर करेगी कि संविधान को कब मंजूरी मिलती है। प्रशासन इस बात पर भी सहमत हो गया है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियों की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी।























