त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरी पर कड़ी नजर: 110 क्विंटल असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त, 50 क्विंटल मिलावटी दूध उत्पाद किए गए नष्ट 

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चंडीगढ़: त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए पंजाब के खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोकने और लोगों को सुरक्षित, पौष्टिक एवं शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर निगरानी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान चलाया हुआ है।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल के सख्त निर्देशों पर विशेष टीमें राज्य के सभी 23 जिलों में निर्माण इकाइयों, थोक मंडियों, मिठाई की दुकानों, डेयरियों, रेस्टोरेंटों और खुदरा दुकानों पर दिन-रात जांच कर रही हैं।

राज्य सरकार के इस सख्त रुख का उल्लेख करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उन लोगों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है, जो मामूली व्यावसायिक लाभ के लिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, ”त्योहार खुशी और उत्सव का समय होते हैं और हर घर तक मिलावट रहित एवं पौष्टिक भोजन पहुंचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। मिलावटखोरी, नकली वस्तुओं का निर्माण करने या घटिया स्तर के खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

राज्यभर में चलाए जा रहे इस अभियान की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले एक महीने के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों के दिनों में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं, जैसे देसी घी, दूध, पनीर, खोया, पारंपरिक मिठाइयों, खाद्य तेलों, वनस्पति और मसालों पर विशेष रूप से कड़ी नजर रखी है।

इन छापेमारियों के दौरान विभाग ने 11 टन से अधिक ऐसे खाद्य पदार्थ जब्त किए हैं, जिनके असुरक्षित होने का संदेह था। इन खाद्य पदार्थों में देसी घी, पनीर, खोया, मिठाइयां, खाद्य तेल और वनस्पति शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 5 टन मिलावटी दूध उत्पादों और मिठाइयों, जो खाने के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त थीं, को भी नियमों के अनुसार नष्ट कर दिया गया है।

इस राज्यव्यापी अभियान के तहत विभाग ने प्रयोगशाला जांच के लिए कुल 1950 खाद्य नमूने एकत्रित किए। विशेष रूप से पनीर और खोये की शुद्धता की जांच के लिए चलाए गए अभियान के दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों के 437 नमूने लिए गए और उनकी जांच की गई। इनमें से 218 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिनमें से 51 नमूनों को आधिकारिक तौर पर असुरक्षित और मिलावटी घोषित किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी खाद्य कारोबारियों (एफबीओ) के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस दौरान, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए), पंजाब की कमिश्नर कंवल प्रीत बराड़ ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद्य इकाइयों पर कड़ी नजर रखें और किसी भी संदिग्ध वस्तु को जांच के लिए तुरंत खरड़ स्थित ‘स्टेट फूड एंड ड्रग लैबोरेटरी’ में भेजा जाए।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता, रसोई में साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता और खाद्य वस्तुओं को उचित तरीके से भंडारित करने संबंधी मानकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

एफडीए कमिश्नर ने सभी खाद्य कारोबारियों, मिठाई विक्रेताओं और मिठाई निर्माताओं से अपील की कि वे त्योहारी सीजन के दौरान गुणवत्ता एवं स्वच्छता के उच्चतम मानकों को बनाए रखें।

उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना विभाग को दें और केवल पंजीकृत एवं लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें।