‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की शुरुआत से अब तक पंजाब पुलिस ने 60,582 FIR दर्ज कीं, 708 बड़ी मछलियों सहित 79,784 नशा तस्कर गिरफ्तार: डीजीपी गौरव यादव

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चंडीगढ़:  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दृढ़ नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने अपनी प्रमुख “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम की शुरुआत से अब तक 60,582 एफआईआर दर्ज की हैं और 354 वाणिज्यिक स्तर के मामलों में 708 बड़ी मछलियों सहित 79,784 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में प्रत्येक में 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने सोमवार को 1 मार्च 2025 से 10 सितंबर 2026 तक नशा विरोधी मोर्चे पर हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने काउंटर इंटेलिजेंस विंग द्वारा हासिल की गई व्यापक सफलताओं का विवरण भी दिया।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस अवधि के दौरान कुल नशा बरामदगी में रिकॉर्ड 3,803 किलोग्राम हेरोइन, 976 किलोग्राम अफीम, 46 टन भुक्की, 1,325 किलोग्राम गांजा और 78 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस बरामदगी के साथ देशभर में बरामद कुल हेरोइन में पंजाब की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के नेतृत्व में पेशेवर और वैज्ञानिक जांच के कारण पंजाब में सजा की दर बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई है, जो पूरे देश के लिए एक मानक स्थापित करती है। 1 मार्च 2025 से अब तक 13,430 एनडीपीएस मामलों का फैसला किया गया, जिनमें से 11,981 मामलों में सजा हुई।

एएनटीएफ के ऑपरेशनल मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। एडीजीपी एएनटीएफ नीलभ किशोर ने हाल ही में सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए), हैदराबाद में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को नशा तस्करी से निपटने तथा पेशेवर जांच के माध्यम से दोषसिद्धि दर में हुई वृद्धि के संबंध में जानकारी दी।

अवैध नशा व्यापार के वित्तीय स्रोतों पर रोक लगाने संबंधी कार्रवाई के बारे में डीजीपी ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-एफ के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंजूर किए गए 914 मामलों में 366 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त/सील की गई है। इसके अलावा पुलिस ने 102 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया और हवाला फंड के रूप में 11 करोड़ रुपये बरामद किए।

आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के संबंध में डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित “पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम” (पीएआईएस) लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। इसके माध्यम से 4.60 करोड़ तलाशी की गईं और 4 लाख आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री की इनाम नीति के तहत खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने और ड्रोन बरामदगी में सहयोग देने के लिए 2,362 आम नागरिकों और पुलिस कर्मचारियों को 3.33 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।

16 मार्च 2022 से 11 सितंबर 2026 तक आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने 92 आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 686 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 54 राइफलें (एके/एमपी-9/एमपी-5/.315), 599 रिवॉल्वर/पिस्तौल, 38 टिफिन आईईडी, 28.887 किलोग्राम आरडीएक्स और अन्य विस्फोटक सामग्री, 131 हैंड ग्रेनेड, 6 आरपीजी (लांचर सहित) तथा 3 स्लीव बरामद किए गए। इसके अलावा देखे गए 1,493 ड्रोन में से 952 ड्रोन जब्त किए गए।

डीजीपी ने बताया कि सितंबर 2024 से अब तक कुल 43 आतंकवादी हमले हुए थे, जिनकी सभी मामलों में रिकॉर्ड समय में जांच कर उन्हें सुलझा लिया गया। इनमें से 9 मामले झूठे या पूरी तरह मनगढ़ंत पाए गए।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस ने 53 आतंकवादी मॉड्यूल को पहले ही निष्क्रिय कर बड़े आतंकवादी हमलों को भी टालने में सफलता हासिल की है।