अनुसूचित जातियों के सशक्तीकरण मिशन को पंजाब सरकार ने दी नई गति; एससी सब-प्लान के तहत 17,700 करोड़ रुपये से तेज होगा सर्वांगीण विकास: डॉ. बलजीत कौर

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चंडीगढ़: सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के अपने संकल्प को और मजबूत करते हुए पंजाब सरकार ने आज पंजाब भवन में राज्य अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) के कार्यान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान एससी सब-प्लान के तहत वित्तीय प्रगति, योजनाओं के कार्यान्वयन, लाभार्थियों तक पहुंच और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्राथमिकता है कि अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए आवंटित संसाधनों का उचित, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा इसका वास्तविक लाभ लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई दे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से अनुसूचित जातियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत 13,987.16 करोड़ रुपये के कुल बजट प्रावधान में से 97.6 प्रतिशत राशि का उपयोग किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए 17,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के कुल विकास बजट का 35.23 प्रतिशत है। ये आंकड़े सामाजिक न्याय और समान विकास के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

मंत्री ने 1 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक की छमाही प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि इस अवधि के दौरान बजट अनुमानों के मुकाबले 36.6 प्रतिशत राशि खर्च की गई है। उन्होंने सभी विभागों को शेष निधियों का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके।

डॉ. बलजीत कौर ने एससी सब-प्लान के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों की सराहना की। उन्होंने कम प्रगति वाले विभागों को योजना निर्माण, कार्यान्वयन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य सभी राज्यों की तुलना में पंजाब में अनुसूचित जातियों की आबादी का अनुपात सबसे अधिक है। इसलिए प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह इस वर्ग के कल्याण के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।

बैठक के दौरान प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 103.81 प्रतिशत, डेयरी फार्मिंग योजना के तहत 100 प्रतिशत और आशीर्वाद योजना के तहत 93.58 प्रतिशत बजट का उपयोग दर्ज किया गया है। मंत्री ने इन विभागों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता का वास्तविक मापदंड लोगों के जीवन में आने वाला सकारात्मक बदलाव है।

डॉ. बलजीत कौर ने सभी विभागों को योजना-वार और जिला-वार लाभार्थियों का संपूर्ण, अद्यतन और सत्यापित विवरण तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की प्रभावी निगरानी और भविष्य में नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके।

जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने कम खर्च करने वाले विभागों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्तर पर निगरानी एवं सतर्कता समितियों की प्रत्येक वर्ष चार बैठकें सुनिश्चित की जाएं, ताकि निधियों का उचित उपयोग, योजनाओं की निगरानी और समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

अनुसूचित जातियों के दीर्घकालिक सशक्तीकरण पर जोर देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने विभिन्न विभागों से शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, आवास, कृषि, उद्यमिता और आर्थिक उन्नति से संबंधित नई एवं जरूरत-आधारित विशेष योजनाएं तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल अनुसूचित जाति के युवाओं, महिलाओं और परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगी।

डॉ. बलजीत कौर ने विभागों को एससी सब-प्लान के लिए समर्पित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, समय पर रिपोर्टिंग और आंकड़ों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एक मजबूत निगरानी प्रणाली के माध्यम से सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।

अंत में डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सामाजिक न्याय के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए आवंटित निधियों का एक-एक रुपया पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा, रोजगार, आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से एक अधिक सशक्त एवं समावेशी पंजाब के निर्माण की दिशा में प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण एवं अल्पसंख्यक विभाग की विशेष मुख्य सचिव श्रीमती राजी पी. श्रीवास्तव, निदेशक श्रीमती विम्मी भुल्लर तथा सामाजिक न्याय विभाग और विभिन्न अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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