यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बस में आग लगने से उसमें सवार एक महिला और उनके बेटे की मौत हो गई। यात्रियों का कहना है कि आग लगने से कुछ मिनट पहले ही उन्होंने ड्राइवर को जलने की गंध के बारे में चेतावनी दी थी।
आग में मरने वालों में महोबा बीजेपी के ज़िला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता और बेटा शशांक भी शामिल थे। यह परिवार चरखारी शहर के राजमंदिर इलाके में रहता था।
सुनीता को चलने-फिरने में दिक्कत थी और आग लगने के समय वह बस की पिछली सीट पर बैठी थीं। जब ड्राइवर ने यात्रियों को बस से उतरने के लिए कहा, तो शशांक ने अपनी माँ को गाड़ी से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन चलने-फिरने में दिक्कत होने के कारण उन्हें समय पर बाहर निकालना मुश्किल हो गया। धुएं की वजह से माँ और बेटा दोनों गिर पड़े और बुरी तरह झुलस गए।
उनके शव बुरी तरह जल गए थे। उनकी पहचान DNA टेस्ट और परिवार के सदस्यों द्वारा शारीरिक विशेषताओं को पहचानने के ज़रिए की गई। मौत की खबर मिलने के बाद पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल समेत बीजेपी के कई नेताओं ने परिवार के घर जाकर उनसे मुलाक़ात की।
FIR के मुताबिक क्या हुआ
FIR के अनुसार, यात्रियों ने पहले ड्राइवर और कंडक्टर के बस के अंदर स्मोकिंग करने पर आपत्ति जताई थी। जानकारी के अनुसार दोनों ने यात्रियों की जलने की गंध के बारे में शिकायतों को हंसी में उड़ा दिया और यात्रियों से चुप रहने को कहा।
इसके बाद चलती बस में जलने की गंध आने लगी, जिसकी ओर यात्रियों ने ड्राइवर का ध्यान दिलाया। ड्राइवर और कंडक्टर ने उनकी चिंताओं को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह गंध बस के अंदर अक्सर महसूस होती है। यात्रियों के बार-बार कहने के बावजूद, ड्राइवर ने गाड़ी की जांच नहीं की और स्मोकिंग जारी रखी।
कुछ ही मिनटों बाद, बस के अगले हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। जब यात्री चिल्लाने लगे, तो FIR के मुताबिक ड्राइवर ने उनसे कहा, “तुम मर जाओ तो मुझे परवाह नहीं, मैं बस नहीं रोकूंगा।”
बिहार में रजिस्टर्ड यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी और इसमें 35 से ज़्यादा लोग सवार थे। यह तेज़ी से आग की चपेट में आ गई और घने धुएं के कारण यात्रियों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। घटनास्थल की तस्वीरों में बस पूरी तरह से जलकर खाक दिखाई दी, जबकि फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने और यात्रियों को बचाने के काम में जुटी थीं।
शुरुआती जांच में पता चला है कि आग बस के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में हुए धमाके से शुरू हुई, जिससे इंजन का लुब्रिकेटिंग ऑयल जलने लगा और आग तेज़ी से फैल गई।
आग लगने की घटना में ड्राइवर और कंडक्टर दोनों बच गए। पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया है।
बस के रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि उस पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए 60 से ज़्यादा बार जुर्माना लगाया गया था, जिनमें से 20 जुर्माने अभी भी नहीं भरे गए हैं। गाड़ी की जानकारी वाले रिकॉर्ड के मुताबिक, BR32PA8647 नंबर वाली इस बस पर कुल मिलाकर 1.7 लाख रुपये से ज़्यादा का जुर्माना अभी भी बकाया है।























