पंजाब के सभी जिलों में 27 नवंबर को रात 8:00 बजे ‘सिविल डिफेंस एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल’ आयोजित की जाएगी। राज्य भर में इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति के दौरान सिविल डिफेंस की तैयारियों को परखने, विभिन्न विभागों की प्रतिक्रिया प्रणालियों (रिस्पॉन्स मैकेनिज्म) का आकलन करने और उन्हें मज़बूत करने के लिए की जा रही है।
इस मॉक ड्रिल की शुरुआत एक ‘एयर रेड वार्निंग’ सिग्नल से होगी, जिसके लिए दो मिनट तक एक सायरन बजेगा जिसकी आवाज़ ऊपर-नीचे (हाई-लो) होती रहेगी। इसके बाद, संबंधित डिप्टी कमिश्नर (जो सिविल डिफेंस के कंट्रोलर भी होते हैं) की देखरेख में तय किए गए इलाकों में ‘ब्लैकआउट’ (बत्तियां बंद करना) किया जाएगा।
ब्लैकआउट के दौरान, आम जनता से अपील की जाएगी कि वे गैर-जरूरी लाइटें बंद कर दें। हालांकि जरूरी सेवाएं हमेशा की तरह काम करती रहेंगी। ड्रिल पूरी होने पर, दो मिनट तक लगातार एक ही सुर में बजने वाले सायरन के जरिए ‘ऑल क्लियर’ (सब ठीक है) का संकेत दिया जाएगा, जिससे एक्सरसाइज़ के खत्म होने का पता चलेगा।
इस अभ्यास के दौरान आग लगने की स्थिति में कार्रवाई, खोज और बचाव अभियान, प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड), और घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रियाओं का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजामों का भी जायजा लिया जाएगा। इन गतिविधियों से सिविल डिफेंस सिस्टम की तैयारियों और प्रतिक्रिया देने की क्षमता का आकलन करने में मदद मिलेगी।
आम लोगों से अपील की गई है कि उन्हें सायरन की आवाज सुनकर या ब्लैकआउट देखकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह केवल एक मॉक ड्रिल है जिसका मकसद सिविल डिफेंस की तैयारियों को परखना है। प्रभावित इलाकों के लोगों से अनुरोध है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और जारी किए जाने वाले किसी भी निर्देश का पालन करें।


























