वेलकम फिल्म एक्टर मुश्ताक खान का निधन; 56 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

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फ़िल्म ‘वेलकम’ में अपने रोल के लिए मशहूर अनुभवी एक्टर मुश्ताक खान का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि एक्टर लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। वे पिछले करीब 15 दिनों से मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने आज 24 सितंबर को अंतिम सांस ली।

वेलकम’, ‘आशिकी’ और ‘गदर’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान को उनके मशहूर डायलॉग, “मेरी एक टांग नकली है,” के लिए भी याद किया जाता है।

56 साल की उम्र में मुश्ताक खान का निधन

मुश्ताक खान के निधन की पुष्टि उनके बिज़नेस पार्टनर शिवम ने ‘आज तक’ से की। कैंसर से जूझने के बाद 24 सितंबर, 2026 को उनका निधन हो गया। एक्टर को करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद वे ठीक हो गए थे, लेकिन हाल ही में बीमारी फिर से लौट आई, जिससे उनकी सेहत बिगड़ गई। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी थी। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था । मुश्ताक खान का अंतिम संस्कार 25 सितंबर, 2026 को किया जाएगा।

मुश्ताक खान का सबसे मशहूर डायलॉग
हिंदी सिनेमा और टेलीविज़न, दोनों में काम करने वाले इस एक्टर को उनकी अलग-अलग तरह की भूमिकाओं और यादगार सपोर्टिंग किरदारों के लिए जाना जाता था। अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की फिल्म ‘वेलकम’ (2007) में एक दिव्यांग हॉकी खिलाड़ी का किरदार निभाकर वे खास तौर पर मशहूर हुए। इस फिल्म में उनका डायलॉग, “मेरी एक टांग नकली है,” बहुत लोकप्रिय हुआ और इसने दर्शकों के दिलों में उनके लिए एक खास जगह बनाने में मदद की।

कई दशकों के अपने करियर में, मुश्ताक खान ने कई तरह की फिल्मों और टेलीविज़न शो में काम किया और अक्सर कई कलाकारों वाली फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी। उनकी कुछ खास फिल्मों में ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’ और ‘जोड़ी नंबर 1’ शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। साल 1980 में फिल्म ‘थोड़ी सी बेवफाई’ और ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा।

अपने चार दशक से अधिक लंबे अभिनय करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया। फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने छोटे पर्दे पर ‘वागले की दुनिया’ (1988), ‘भारत एक खोज’ (1988), ‘अदालत’, ‘चाचा चौधरी’, ‘टेढ़े-मेढ़े सपने’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में भी काम किया।

दिग्गज अभिनेता का जन्म मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर शहर में हुआ था।