चंडीगढ़: पंजाब के कैबिनेट मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने आज पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) द्वारा की गई छापेमारी की कड़ी निंदा की और जिस तरीके से एजेंसी ने लुधियाना जिले के साहनेवाल में मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भतीजे के घर की तलाशी ली, उस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डर और राजनीतिक डराने-धमकाने का माहौल बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बेहद चिंताजनक है और दावा किया कि पंजाब ऐसी कार्रवाइयों के आगे नहीं झुकेगा।
हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि जांच एजेंसियों को कानून के अनुसार जांच करने का कानूनी अधिकार है, लेकिन उनकी कार्रवाइयां निर्वाचित प्रतिनिधियों या उनके परिवारों पर राजनीतिक दबाव बनाने का साधन नहीं बननी चाहिए।
हरदीप सिंह मुंडियां द्वारा साहनेवाल में उनके भतीजे के घर की तलाशी और महिलाओं व बच्चों को परेशान करने संबंधी आरोपों का हवाला देते हुए उन्होंने अफसोस जताया कि स. मुंडियां के परिवार के सदस्यों पर दबाव डालना गंभीर चिंता का विषय है, जिसे किसी भी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि परिवार के सदस्यों को राजनीतिक मामलों में घसीटने का प्रयास पूरी तरह आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि स. मुंडियां के परिवार के सदस्यों से उन्हें आम आदमी पार्टी छोड़ने का संदेश पहुंचाने के लिए कहे जाने के आरोप जांच के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि भाजपा पंजाब में लोगों का समर्थन हासिल करने में नाकाम रहने के बाद ई.डी. के माध्यम से डर और दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों में लोकतांत्रिक भावना पूरी तरह मजबूत है और वे हमेशा से उन्हें डराने-धमकाने के प्रयासों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पंजाब को ई.डी. के छापों या धमकियों के माध्यम से डराया नहीं जा सकता।” उन्होंने कहा कि पंजाबी निडर लोग हैं और पंजाब के निर्वाचित प्रतिनिधि इस तरह दबाव बनाने की चालों के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि ई.डी. की कार्रवाई के समय और तरीके ने गंभीर राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि गमाडा और अन्य स्थानों पर ई.डी. की तलाशी के साथ-साथ मंत्री के भतीजे के घर की तलाशी ने व्यापक चिंता पैदा की है।
हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि आम आदमी पार्टी का नेतृत्व कानूनी कार्रवाइयों में सहयोग जारी रखेगा और साथ ही राजनीतिक डराने-धमकाने के लिए जांच एजेंसियों के इस्तेमाल के किसी भी प्रयास का डटकर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी छापों या धमकियों से नहीं डरेगी और आम नागरिकों के अधिकारों तथा मान-सम्मान से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग घटनाक्रम को करीब से देख रहे हैं और जायज जांच तथा राजनीतिक दबाव के बीच अंतर करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के पालन से आती है और किसी भी एजेंसी को अपने कानूनी अधिकार क्षेत्र से बाहर काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शासन और जनकल्याण पर ध्यान केंद्रित रखेगी तथा अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाती रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी कठपुतली एजेंसियों के माध्यम से डर पैदा करने का प्रयास करने के बजाय अपनी नीतियों, प्रदर्शन और सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर लोगों का सामना करना चाहिए। “पंजाब के लोगों ने कभी भी डराने-धमकाने की राजनीति को स्वीकार नहीं किया और अब भी स्वीकार नहीं करेंगे।”
उन्होंने कहा कि ई.डी. द्वारा पंजाब राज्य के अधिकारियों को गैर-कानूनी रूप से हिरासत में रखना और उन पर दबाव डालना भी लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।


























