‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल से बदली सरकारी सेवाओं की तस्वीर, 3.10 लाख से अधिक आवेदनों का निपटारा

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चंडीगढ़, 17 जून:

पंजाब सरकार की ‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल के तहत संचालित 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली ने राज्य में सरकारी सेवाओं के वितरण के तरीके को नई दिशा दी है। इस तकनीक-आधारित पहल के माध्यम से अब तक 3.10 लाख से अधिक सरकारी सेवाएं नागरिकों तक उनके घर-द्वार पहुंचाई जा चुकी हैं, जबकि लंबित मामलों की दर घटकर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है।

इस पहल के तहत नागरिक 1076 हेल्पलाइन, व्हाट्सऐप, ऑनलाइन पोर्टल या सेवा केंद्रों के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं और 437 सरकारी सेवाओं का लाभ अपने घर पर ही प्राप्त कर सकते हैं। अपॉइंटमेंट तय होने के बाद प्रशिक्षित डोरस्टेप डिलीवरी ऑपरेटर नागरिकों के घर पहुंचकर दस्तावेज एकत्र करते हैं, आवेदन भरने में सहायता करते हैं और ऑनलाइन आवेदन जमा करवाते हैं। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली है।

इस योजना का विशेष लाभ वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, किसानों और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिला है, जिन्हें पहले सरकारी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब तक इस प्रणाली के तहत 4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए जा चुके हैं।

सरकार ने सेवा वितरण को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए ऑनलाइन वेरीफिकेशन प्रणाली भी लागू की है। इसके तहत पटवारी, नंबरदार, सरपंच, नगर पार्षद और संबंधित विभागीय अधिकारी डिजिटल माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आई है और सेवाओं की प्रक्रिया अधिक तेज तथा पारदर्शी बनी है।

इसके अलावा ‘फॉर्मलेस सेवाओं’ की शुरुआत भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब नागरिकों को लंबे आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता नहीं होती। डोरस्टेप डिलीवरी ऑपरेटर डिजिटल माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज करते हैं और सिस्टम स्वतः आवेदन तैयार कर देता है, जिससे प्रक्रिया सरल और त्रुटिरहित बनती है।

रियल-टाइम एप्लिकेशन ट्रैकिंग, विभागवार डैशबोर्ड, बीट-वार निगरानी और लाभार्थियों से नियमित फीडबैक लेने की व्यवस्था ने जवाबदेही को और मजबूत किया है। इससे सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हो रही है।

पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री हरपाल सिंह चीमा नहीं बल्कि अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बना रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का प्रभावी साधन है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को सामान्य सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन वेरीफिकेशन और डिजिटल सेवा वितरण जैसी पहलें शासन को आधुनिक, पारदर्शी और आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बना रही हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल रिकॉर्डिंग, रियल-टाइम निगरानी और तकनीक आधारित प्रक्रियाओं के माध्यम से देरी और बिचौलियों की भूमिका लगातार कम होगी, जिससे पंजाब में सुशासन को और मजबूती मिलेगी।