एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 16 जून:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की महिला सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण कर्मचारी-हितैषी पहल की घोषणा की है। इसके तहत ग्रुप सी और डी श्रेणियों की महिला कर्मचारियों, जिनमें स्टाफ नर्सें, अध्यापक, महिला पुलिस कर्मी और अन्य पात्र कर्मचारी शामिल हैं, की तैनाती परखकाल पूरा होने के बाद उनके घरों से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस फैसले को महिला कर्मचारियों के निजी जीवन और कार्यालयी जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस पहल को लागू करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक ढांचा तैयार करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस नीति का लाभ विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की स्टाफ नर्सों, सरकारी स्कूलों की अध्यापिकाओं और महिला पुलिस कर्मियों समेत हजारों महिला कर्मचारियों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई महिला कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि उनकी तैनाती घर से 150 से 200 किलोमीटर दूर होने के कारण उन्हें अपने परिवार से मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई कर्मचारी सप्ताह में केवल एक या दो बार ही अपने परिवार के पास जा पाती हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला कर्मचारी सेवा संबंधी दस्तावेजों में अपने मायके या ससुराल का पता दर्ज करवा सकेंगी और उसी आधार पर तैनाती पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 किलोमीटर अधिकतम सीमा है और जहां संभव होगा, कर्मचारियों की तैनाती उनके घर से 15 से 20 किलोमीटर के भीतर भी की जा सकती है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिला कर्मचारी कम समय में अपने परिवार तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि एक संतुष्ट और खुश कर्मचारी हमेशा बेहतर ढंग से काम करता है, इसलिए कर्मचारियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी अपनी समस्याएं और सुझाव लगातार सरकार के साथ साझा करते रहे हैं, जिससे ऐसी नीतियां बनाने में मदद मिलती है जो सीधे तौर पर उनके जीवन को बेहतर बनाती हैं। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए भविष्य में भी ऐसे फैसले लेती रहेगी।




















