पंजाब ने स्कूली शिक्षा में केरल को पछाड़ा, नीति आयोग की रिपोर्ट में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

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चंडीगढ़, 11 मई:

स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के कई महत्वपूर्ण मानकों पर लंबे समय से अग्रणी रहे केरल को पीछे छोड़ दिया है।

पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने इस उपलब्धि को “पंजाब युग” की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन माता-पिता, विद्यार्थियों और शिक्षकों का है जिन्होंने सरकारी स्कूलों पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि यह सफलता मजबूत नीति, स्पष्ट इरादों और प्रभावी अमल का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार तीसरी कक्षा की भाषा दक्षता में पंजाब ने 82 प्रतिशत और गणित में 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि केरल ने क्रमशः 75 प्रतिशत और 70 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब ने 52 प्रतिशत दक्षता दर्ज की, जो केरल के 45 प्रतिशत से अधिक है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मिशन समर्थ और स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी पहलों के तहत कोविड महामारी के बाद किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के 99.9 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बिजली उपलब्ध है, 99 प्रतिशत स्कूलों में कार्यशील कंप्यूटर हैं और 80 प्रतिशत से अधिक स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस हैं। इसके अलावा दसवीं के 90 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी अब ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला ले रहे हैं, जिससे स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय कमी आई है। राज्य में विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात अब 22:1 हो गया है।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि नीति आयोग ने शिक्षा के क्षेत्र में शहरी-ग्रामीण अंतर को कम करने और गांवों के विद्यार्थियों व लड़कियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों की विशेष सराहना की है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने जेईई मेन परीक्षा पास की है, जबकि 1,284 विद्यार्थी नीट परीक्षा में सफल हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि फिनलैंड और सिंगापुर में शुरू किए गए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पंजाब सरकार ने अब तक 13,000 शिक्षकों और स्टाफ की भर्ती की है तथा लगभग 3 लाख विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश एज कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब के शिक्षकों ने साबित कर दिया है कि बेहतर नीति और प्रभावी क्रियान्वयन से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब केवल शिक्षा प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि देश का नेतृत्व भी कर रहे हैं।