कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ के बाद एक्शन में पुलिस; मामला दर्ज, आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार, जांच के लिए बनेगी SIT

47

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं। ये सभी उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें शनिवार रात हिरासत में लिया गया था।

पुलिस ने गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 105, 110 और 3(5) के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए (suo motu) मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 48 वर्षीय राज कुमार सेवदा उर्फ ​​राजा (सचिव), 55 वर्षीय शांतनु दुबे (उपाध्यक्ष) और 48 वर्षीय बिप्लब मुखर्जी उर्फ ​​जॉय शामिल हैं। बिप्लब बांस के ढांचे के निर्माण कार्य से जुड़े थे।

अन्य आरोपियों में 53 वर्षीय कौशिक साहा और 51 वर्षीय पिंटू डे शामिल हैं, जो भीड़ को नियंत्रित करने और VIP पास की जांच करने का काम देख रहे थे। पुलिस ने बताया कि प्राइवेट सिक्योरिटी के इंचार्ज सुमन चक्रवर्ती (30) और राजेश पाल (29) को भी गिरफ्तार किया गया है।

इसके अलावा, 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है और शनिवार की दुखद घटना के कारणों का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये वे लोग हैं जिन्हें कल रात हिरासत में लिए गए 14 लोगों में से चुना गया है। अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।” उन्होंने आगे कहा, “शवों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है।”

बंगाल के मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का किया वादा

यह कदम मुख्यमंत्री के कड़े कदम उठाने के वादे और दोषियों को न बख्शने के आश्वासन के कुछ ही घंटों बाद उठाया गया है। रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अपोलो अस्पताल में घायलों से मिलने वाले अधिकारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है। इसमें स्पेशल टास्क फोर्स (STF), क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।

सरकार हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से जांच की अगुवाई के लिए जज नामित करने का अनुरोध करेगी। सरकार ने कहा है कि हादसे के दौरान की CCTV फुटेज की जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस टीम में स्पेशल टास्क फोर्स (STF), क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और अन्य विभागों के सदस्य शामिल होंगे। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि पूरे पश्चिम बंगाल में सभी प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि (ex gratia) देने और उन्हें ग्रुप-डी सरकारी नौकरी देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस सबूत जुटाने के लिए CCTV फुटेज का विश्लेषण करेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

शनिवार को उन्होंने कहा, “कोलकाता पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है। जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। गृह मंत्री खुद कोलकाता में मौजूद हैं और स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं।”