पंजाब के मानसा जिले में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर मालिक को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
बता दे कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर, मंगलवार को पंजाब के मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या हुई थी। झोटा ने मेडिकल स्टोर के मालिक पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित तौर पर नशीली दवाएं बेचते हुए पकड़ा था और फेसबुक पर लाइव-स्ट्रीमिंग करते हुए वो आरोपी से सवाल कर रहा था. यह घटना झोटा के लाइव फेसबुक सेशन के दौरान कैमरे में कैद हो गई थी। हत्या के बाद आरोपी दुकानदार फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
जानकारी दे दें कि झोटा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाते थे। वे केमिस्ट दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का भी विरोध करते थे। वो लंबे समय से मानसा में ड्रग्स के खिलाफ़ कैंपेन चला रहे थे और सोशल मीडिया पर लाइवस्ट्रीम के ज़रिए नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री के बारे में बताते रहते थे।
गोलीबारी के बाद मानसा शहर में तनाव फैल गया. वहीं इस घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है और विपक्षी नेताओं ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर ड्रग्स की समस्या से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।
मानसा में मेडिकल स्टोर पर क्या हुआ
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह मानसा में एक मेडिकल स्टोर से लाइव-स्ट्रीमिंग करते हुए झोटा ने कथित तौर पर ‘चिट्टा’ (नशीला पदार्थ) बेचने को लेकर दुकान के मालिक से बहस की। ब्रॉडकास्ट के दौरान, झोटा ने मेडिकल स्टोर के मालिक से सवाल किए और CCTV फुटेज की मांग की। बहस के दौरान झोटा के दावों के मुताबिक, उसके साथ आए एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उस दुकान से ड्रग्स खरीदे थे।
बहस के दौरान मामला गरमा गया और दुकान के मालिक—जिसकी पहचान रिपोर्ट में अश्वनी कुमार के तौर पर हुई है—ने कथित तौर पर गोली चलाने से पहले पिस्तौल निकाली। इस टकराव और गोली चलने की आवाज़ लाइवस्ट्रीम में रिकॉर्ड हो गई। झोटा को कई गोलियां लगीं और उसे मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ बाद में उसकी मौत हो गई।























