मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाई, सालाना बढ़ोतरी की सीमा 5 प्रतिशत तय

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चंडीगढ़, 22 जून 2026:

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, उद्योगों और आम जनता के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि को नियंत्रित करने, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और प्रशासनिक सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने के उद्देश्य से अहम निर्णयों को मंजूरी दी।

निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर नियंत्रण

 

कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल अब सालाना फीस में अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही वृद्धि कर सकेंगे। यदि कोई स्कूल इससे अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे संबंधित नियामक संस्था से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

 

सरकार का कहना है कि इस कदम से अभिभावकों को मनमानी फीस वृद्धि से राहत मिलेगी और फीस ढांचे में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

 

औद्योगिक इकाइयों के लिए पूंजी सब्सिडी प्रक्रिया आसान

 

कैबिनेट ने औद्योगिक नीतियों के तहत पूंजी सब्सिडी और निवेश प्रोत्साहनों के वितरण से संबंधित 2019 के दिशा-निर्देशों में संशोधन को भी मंजूरी दी। संशोधित व्यवस्था के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित शर्तों की पूर्ति के आधार पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

 

सरकार के अनुसार इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन राशि जारी करने की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।

 

स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म को मंजूरी

 

डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (SDIP) लागू करने का निर्णय लिया है। इसके जरिए विभिन्न सरकारी विभागों के डेटाबेस को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे डेटा की पुनरावृत्ति कम होगी और सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी।

 

परियोजना की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन-स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी।

 

दसूहा में एडीसी (जनरल) कार्यालय स्थापित होगा

 

कैबिनेट ने होशियारपुर जिले के दसूहा उपमंडल में अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) और सहायक स्टाफ के कुल पांच पद सृजित करने की मंजूरी भी दी है। इससे क्षेत्र के लोगों को जिला स्तर के प्रशासनिक कार्यों, राजस्व मामलों और शिकायतों के निपटारे के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

 

सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रशासनिक सेवाएं लोगों के और करीब आएंगी तथा जनहित के मामलों का तेजी से समाधान संभव होगा।