राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला कानून रोका, रूसी तेल और गैस की खरीद पर प्रतिबंधों को हटाया

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना रुख बदलते हुए, रूसी तेल और गैस की खरीद पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाले कानून को फिलहाल रोक दिया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को इस फैसले से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए और कहा कि यह कदम अमेरिका के हित में है। इससे भारत, चीन और कई अन्य देशों को बड़ी राहत मिली है।

इस कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता था। इन देशों में चीन, भारत, स्लोवाकिया समेत हंगरी और अजरबैजान शामिल थे।

राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए, रिपब्लिकन नेता ने शुक्रवार शाम (स्थानीय समय) को ‘सेंक्शिनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ (रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून) के तहत यह छूट दी। यह छूट ठीक उस समय दी गई है, जब ये प्रतिबंध लागू होने ही वाले थे। उन्होंने बताया कि इस छूट के संबंध में उन्होंने कांग्रेस को एक प्रमाण-पत्र भी सौंप दिया है।

अपने कार्यकारी आदेश में उन्होंने कहा, “मैं ‘ग्राहम एक्ट’ के तहत लगाए गए इन प्रतिबंधों और शुल्कों को हटा रहा हूँ। मैंने कांग्रेस को एक प्रमाण-पत्र दिया है कि इस समय ऐसी छूट देना संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।”

प्रतिबंध से जुड़े कानून का मकसद रूस की कमाई के रास्ते बंद करना था, ताकि यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के लिए उसे पैसा जुटाने में मुश्किल हो। खास बात ये है कि ट्रम्प ने 9 अक्टूबर को ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल खरीदने की डील की थी।

ट्रम्प ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल (लिंडसे ग्राहम एक्ट) पर 18 सितंबर 2026 को साइन किए थे। 16 सितंबर को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने इसे 262-159 वोटों से मंजूरी दी थी।

कानून पर साइन करने के बाद ट्रम्प को प्रतिबंध लगाने का फैसला 30 दिन के अंदर करना था। हालांकि, ट्रम्प ने इससे पहले ही प्रतिबंधों और टैरिफ पर छूट दे दी।