पंचकूला में पुलिस और दो कथित गैंग शूटरों के बीच मुठभेड़, PSI की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली

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पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में देर रात पुलिस और एक कुख्यात गैंग से जुड़े दो कथित शूटरों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस टीम पर पांच गोलियां चलाईं। इस दौरान एक गोली पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जबकि दूसरी गोली असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) सुनील कुमार के कान के पास से गुजर गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में एक-एक गोली लगी, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुठभेड़ पंचकूला के सेक्टर-3 में ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पीछे सेक्टर-3 की सड़क पर हुई। यह इलाका सेक्टर-20 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। कार्रवाई पंचकूला के डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह की अगुवाई में की गई।

पुलिस पर पांच गोलियां चलाने का आरोप

एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, आरोपियों की पहचान अर्शदीप सिंह और जगराज सिंह के रूप में हुई है। दोनों पंजाब के अमृतसर जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों मोटरसाइकिल पर सवार थे और पुलिस टीम की कार्रवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी।

आरोपियों की ओर से पांच गोलियां चलाए जाने के बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए चार गोलियां चलाईं। इस दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया। मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने के बावजूद बुलेटप्रूफ जैकेट ने PSI को गंभीर चोट से बचाने में अहम भूमिका निभाई।

मोहाली, पंचकूला या चंडीगढ़ में टारगेट पर हमले की आशंका

पुलिस को आशंका है कि दोनों कथित शूटर मोहाली, पंचकूला या चंडीगढ़ यानी ट्राइसिटी में किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के इरादे से आए थे। हालांकि, अभी तक कथित टारगेट की पहचान और हमले की योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों आरोपियों को कथित तौर पर किसने भेजा था, उनका निशाना कौन था और ट्राइसिटी में उनके स्थानीय संपर्क कौन-कौन हैं। इसके साथ ही उनके कथित गैंग कनेक्शन और संभावित आपराधिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

दो अवैध हथियार बरामद, आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज

एफआईआर के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध हथियार बरामद किए हैं। मामले में आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(6) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, बरामद हथियारों के स्रोत, कथित गैंग से उनके संबंधों और ट्राइसिटी में उनकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही कथित टारगेट और हमले की योजना से जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।