सिग्नेचर न होने से लेकर अधूरे डॉक्यूमेंट्स तक, इंडिया ब्लॉक की SIR के खिलाफ दायर याचिका में 14 खामियां, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने कहा- कोर्ट फीस कम दी, पेज भी गायब

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सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, अखिलेश यादव और INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं द्वारा वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका में करीब 14 कमियां बताई हैं।

राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में SIR में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ी एक रिट याचिका दायर की । विपक्ष ने याचिका में SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकने और कथित ‘वोट चोरी’ के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है।

INDIA ब्लॉक की SIR याचिका में 14 कमियां बताई गईं

इन कमियों में कुछ प्रतिवादियों (respondents) के नामों में गड़बड़ी और निजी व्यक्तियों को प्रतिवादी के तौर पर शामिल करने का कारण न बताना शामिल है। रजिस्ट्री ने यह भी बताया है कि याचिका के साथ पहले के एक फैसले की कॉपी नहीं लगाई गई थी। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को छोड़कर, नौ याचिकाकर्ताओं की वकालतनामा (कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए अधिकार-पत्र) गायब हैं। अन्य मुद्दों में खड़गे के पहचान पत्र की धुंधली कॉपी, कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी और दस्तावेजों की छपाई में कमियां शामिल हैं।

इस बात की संभावना कम है कि आज इतनी सारी कमियों को ठीक किया जा सकेगा। इसके अलावा, मंगलवार को अदालत में इस मामले का ज़िक्र नहीं होगा। कमियां ठीक हो जाने के बाद ही याचिका पर सुनवाई होगी।

SIR में गड़बड़ियों को लेकर INDIA गठबंधन की सुप्रीम कोर्ट में याचिका

राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने आज सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। यह याचिका वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) में बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर है।

इस याचिका में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, TMC सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (पवार) (NCP-SCP) नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना-UBT नेता संजय राउत और विपक्ष के कुछ अन्य नेता भी याचिकाकर्ता के तौर पर शामिल हैं।

याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में एक रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अगुवाई में एक इंडिपेंडेंट कमेटी बनाने की मांग की गई है, जिसमें टेक्निकल एक्सपर्ट्स और दूसरे जाने-माने लोग मदद करें, ताकि SIR के दौरान किए गए डिलीट और मॉडिफिकेशन का एक तय समय के अंदर इंडिपेंडेंट ऑडिट किया जा सके।