डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस और INDI गठबंधन के विपक्षी नेताओं को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च से पहले बड़ा झटका लगा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने विपक्ष को मार्च करने के बजाय संबंधित मुद्दों पर याचिका दायर करने की सलाह दी है।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और ज्ञापन सौंपने के लिए CJI से मिलने का समय मांगा था। विपक्षी प्रतिनिधिमंडल सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करना चाहता था। हालांकि, CJI ने स्पष्ट किया कि जिन मुद्दों को विपक्ष उठाना चाहता है, वे पहले से ही अदालत के विचाराधीन हैं और उन पर सुनवाई चल रही है।
CJI ने ईमेल के जरिए बताया मुलाकात से इनकार का कारण
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने ईमेल के जरिए जवाब देते हुए कहा कि अदालत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों से प्रशासनिक स्तर पर मुलाकात नहीं कर सकती। अदालत का काम याचिकाओं पर सुनवाई करना और कानून के अनुसार फैसला सुनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के दरवाजे सभी नागरिकों के लिए खुले हैं और सुप्रीम कोर्ट प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष अपने मुद्दों को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत के सामने रख सकता है।
मुलाकात नहीं होने के बावजूद मार्च की तैयारी
CJI के इनकार के बावजूद विपक्षी गठबंधन के सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की संभावना है। विपक्ष कथित चुनावी धांधली, SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
विपक्ष की योजना सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर CJI को ज्ञापन सौंपने की थी। हालांकि, मुलाकात से इनकार के बाद आगे की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।
इससे पहले 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है।



























