क्रिकेट का चैंपियन अब बनेगा कैंसर उन्मूलन का चैंपियन: युवराज सिंह पंजाब में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग मुहिम का करेंगे नेतृत्व

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चंडीगढ़: जमीनी स्तर पर कैंसर की स्क्रीनिंग और शुरुआती चरण में जांच को और मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सोमवार को भारत के पूर्व महान क्रिकेटर युवराज सिंह द्वारा स्थापित ‘यू.वुई.कैन. फाउंडेशन’ के साथ जिला पटियाला में स्तन और मुंह के कैंसर की व्यापक स्क्रीनिंग का प्रोजेक्ट चलाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) किया है।

इस समझौते पर पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं शोध मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की मौजूदगी में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. हितिंदर कौर और युवराज सिंह फाउंडेशन की ट्रस्टी पूनम नंदा द्वारा औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।

बीमारी होने के बाद इलाज कराने की बजाय पहले से ही स्वास्थ्य देखभाल के प्रति सक्रिय रहने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने जोर देकर कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य नियमित जांच को प्रोत्साहित करना और स्क्रीनिंग के प्रति लोगों के डर को दूर करना है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “जिस तरह युवराज सिंह ने क्रिकेट के मैदान में भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीतों का नेतृत्व किया और अपने दृढ़ इरादे से कैंसर को मात दी, उसी तरह अब वह हमारे लोगों में समय पर जांच की मुहिम का नेतृत्व कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर कैंसर की पहचान शुरुआती दौर में हो जाए तो यह पूरी तरह से इलाज योग्य है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है: कैंसर के फैलने से पहले ही, जब यह इलाज योग्य है, इसकी पहचान करना।” उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत हम आधुनिक और दर्द-रहित स्क्रीनिंग सुविधा सीधे लोगों के दर तक पहुंचाने जा रहे हैं और हम चाहते हैं कि नागरिक अपनी झिझक छोड़ें और अपनी नियमित स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दें।

मरीजों को पूर्ण वित्तीय सुरक्षा का भरोसा देते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य की प्रतिष्ठित ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ (एम.एम.एस.वाई.) के तहत योग्य लाभार्थियों को कैंसर का पूर्ण इलाज बिल्कुल मुफ्त और कैशलेस उपलब्ध कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस 12 महीनों के साझा प्रयास के तहत जिला पटियाला में 20,000 लाभार्थियों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अत्याधुनिक ‘आई-ब्रेस्ट-एग्ज़ाम’ यंत्र के माध्यम से 10,000 महिलाओं की स्तन कैंसर की विशेष जांच शामिल है — जो सटीक क्लिनिकल मूल्यांकन के लिए तैयार किया गया एक नवीन, नॉन-इनवेसिव और रेडिएशन-मुक्त उपकरण है। इसके अलावा 10,000 पुरुषों और महिलाओं की मुंह के कैंसर की व्यापक क्लिनिकल स्क्रीनिंग की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में एक मजबूत रेफरल प्रणाली भी शामिल है ताकि संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों को ठोस जांच और तुरंत इलाज के लिए टर्शियरी हेल्थ फैसिलिटीज़ में भेजा जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के साथ हाथ मिलाने के लिए यू.वुई.कैन. फाउंडेशन की सराहना करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस फाउंडेशन ने पहले भी अपनी ‘स्वस्थ महिला, स्वस्थ भारत’ मुहिम के तहत सराहनीय नतीजे दिखाए हैं, जिसके अंतर्गत देश भर में लगभग 2,00,000 महिलाओं की जांच की गई, जिसमें पंजाब के जिला मोगा की लगभग 14,000 महिलाएं भी शामिल थीं। इसी सफलता के आधार पर पटियाला में यह लक्षित पहल लोगों में जागरूकता पैदा करेगी, स्क्रीनिंग संबंधी झिझक को दूर करेगी और पंजाब भर में कैंसर की रोकथाम के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) का एक सफल मॉडल स्थापित करेगी।

इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष सचिव स्वास्थ्य-सह-एम.डी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) साक्षी साहनी, एम.डी. पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन (पी.एच.एस.सी.) गौतम जैन, सहायक निदेशक-सह-राज्य कार्यक्रम अधिकारी (गैर-संचारी रोग) डॉ. गगनदीप सिंह ग्रोवर और मेडिकल अधिकारी डॉ. आशु गुप्ता मौजूद थे। यू.वुई.कैन. फाउंडेशन की ओर से इस मौके पर वरिष्ठ सलाहकार अरविंद नंदा, वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भाविका और वरिष्ठ प्रबंधक (निगरानी एवं मूल्यांकन) डॉ. दिव्या मौजूद थीं।