वेतन और पीएफ बिलों में गड़बड़ी: बीपीईओ समेत 4 कर्मचारी निलंबित, एफआईआर के आदेश

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अमृतसर: पंजाब के शिक्षा विभाग में वेतन, भविष्य निधि (पीएफ) और लीव इनकैशमेंट से जुड़े बिलों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर विभाग ने अमृतसर के एक ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (बीपीईओ) सहित चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर दर्ज कराने या जांच प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निलंबित किए गए अधिकारियों में ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (बीपीईओ) यशपाल शामिल हैं। यशपाल के पास अमृतसर-3 के अलावा मजीठा-1, मजीठा-2, रइया-1, रइया-2 और अमृतसर-4 के कार्यालयों की आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) की शक्तियां भी थीं। विभाग का मानना है कि इन कार्यालयों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और बिलों की भी विस्तृत जांच की जाएगी ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

बीपीईओ यशपाल के अलावा अमृतसर-3 के क्लर्क गुरसेवक सिंह, मजीठा-1 के क्लर्क सुखदेव सिंह तथा मजीठा-2 के क्लर्क सुखदेव सिंह को भी निलंबित किया गया है। इन सभी पर वेतन, भविष्य निधि और लीव इनकैशमेंट से संबंधित बिलों के प्रसंस्करण में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच की जा रही है।

जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री) कंवलजीत सिंह संधू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस कमिश्नर को आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेंगी और वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी।

विभागीय आदेशों के अनुसार निलंबित बीपीईओ और तीनों क्लर्कों का मुख्यालय फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री), मानसा के कार्यालय में निर्धारित किया गया है। जांच पूरी होने तक सभी कर्मचारियों को वहीं नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

शिक्षा विभाग का कहना है कि सरकारी धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान यदि अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी इस मामले में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।